भारत माता
भारत माता तेरी जय हो, तेरी गोदी में खेले वीर जवानों की जय हो। संस्कारों की जननी, ममता की मूरत, हे भारत माता, तेरी जय हो, तेरी जय हो। तेरी रक्षा में शीश चढ़ाते, वीर सपूत तेरा मान बढ़ाते। सीमा पर डटकर खड़े जवान, उन वीरों को शत-शत प्रणाम। माँ, कब तक रहेगी बेड़ियों में जकड़ी, कब तक सहती रहेगी पीड़ा ये गहरी? तेरे ही बेटे जब तुझे तार-तार करते हैं, अपने स्वार्थ में माँ का सम्मान भूलते हैं। नदियाँ, पर्वत, खेत और धरती, तेरे ही रूप हैं माँ, ये प्रकृति सुहाती। गंगा-यमुना तेरी पावन धारा, तेरी माटी से जग है प्यारा। तेरी शान में शीश नवाते हैं, कोटि-कोटि वंदन तुझे करते हैं। तेरी आन, बान और शान रहे, सदा तिरंगा आसमान में महान रहे। भारत माता तेरी जय हो, वीर जवानों की सदा जय हो। जन-जन के मन में प्रेम जगाए, भारत माता सदा मुस्कुराए। — गरिमा लखनवी