मेहंदी का रंग
मेहंदी लगे इन हाथों में, रंग सजे प्यार का, साजन का दीदार हो, मौसम हो बहार का। मेहंदी के रंग में डूबकर, दिल यही कहता है, तुम ही मेरा प्यार हो, दिल तुममें ही रहता है। तुमसे मेरी खुशियाँ हैं, तुमसे मेरा जीवन है, तुमसे ही मेरी सुबह है, तुमसे मेरी हर धड़कन है। तुम हो तो हर रात दिवाली, हर दिन लगता होली है, तेरे प्यार से सज गई सजना, जीवन की हर रंगोली है। मेहंदी लगे हाथों में, जब चूड़ी खनकती है, लगता है संसार की खुशियाँ, मेरी झोली में आती हैं। दिन-रात सजना, तेरे लिए सजती-सँवरती हूँ, तेरे प्यार की खुशबू से, मैं हर पल महकती हूँ। तू है तो जीवन जन्नत है, तू ही मेरा संसार, जन्म-जन्म तक बना रहे, सजना तेरा मेरा प्यार। गरिमा लखनवी