संदेश

पिता का जीवन में महत्व

संघर्ष का दूसरा नाम है पिता
बचपन से जो हमें सपने दिखाए वो है पिता
ऊँगली पकड़कर जो चलना सिखाये वो है पिता
हमारी जागीर और जमीर है पिता
ऊपर से डाट दिखाता और अंदर ही अंदर रोता वो है पिता
जाग कर सारी  रात ख्बाब बुनता वो है पिता
जिसने यह हरा भरा संसार दिखाया वो है पिता
अच्छे बुरे  का ज्ञान कराया वो है पिता
सही गलत का रास्ता दिखाया वो है पिता
मंजिलो को छूना सिखाया वो है पिता
अपनी जरूरतों को काटकर हमारी मांगो को पूराकर
हसंता रहता वो है पिता
जब डर  लगे तो हिम्मत दिखाए वो है पिता
जो सपने हमने देखे उनको पूरा करने मैंने करता मदद वो है पिता
अपनी जवानी बच्चो पर लुटाता वो है पिता
हमारा वजूद बताता वो है पिता
भगवान से बढ़कर होता है पिता
अपने दुःख को छुपाकर बच्चो को हसाता वो है पिता
अगर पिता न हो तो
सूना है सँसार
माँ बाप के चरणों में ही
स्वर्ग का अहसास है
पिता की महानता को
शत शत  प्रणाम है
-गरिमा 

शराब जरुरी है क्या

शराब पीना जरुरी है क्या?
ये एक बेटी अपने पापा से पूछती है
घर की कलह से परेशान होती बेटी
माँ को सिसकता देख परेशान होती बेटी
अपनी पढाई का हर्जा होते देख परेशान  होती बेटी
पापा से पूछती है
आप की शराब जरुरी है क्या?
आप इन पैसो से हमारे  लिए दूध मिठाई ला सकते है
भाई बीमार है उसे दिखा सकते है
आपकी शराब के लिए माँ के जेवर बिक गए
आप की तबियत खराब रहने लगी
हमें पापा का प्यार नहीं मिला
मिला तो बस आपकी मार
क्या हमें हक़ नहीं की हम पापा का प्यार पा सके
हम भी पापा के साथ घूम सके
आप जब आते हो तो आपसे बात करने में डर  लगता है
माँ के पास सहम जाते है
पापा में अनाथ नहीं होना चाहती हु
में जिंदगी  में कुछ करना चाहती हूँ
पापा हम लोगो के लिए पीना छोड़ दो
हम आपके साथ जीना चाहते है
पापा शराब बहुत बुरी लत है
मेरी बात मान ले 
शराब को छोड़ दे
-गरिमा 



मेरी तलाश पूरी हुई

जीवन में एक तलाश थी
जो आज पूरी हो गयी
कुछ ख्वाब सजाये थे मैंने
जो तेरे आने से पूरे हो गए
न जाने क्यों तुम दूर थे मुझसे
अब तो आ जाओ मेरे पास
जीवन में तुमने बहुत कुछ सिखाया
तुम न होते तो क्या थी जिंदगी
अब किसी की परवाह नहीं
बस अब याद है तेरी
जीवन में जो तलाश थी मेरी
अब वो पूरी हो गयी
जीवन में बहुत कुछ सह लिया
जो प्यार की कमी थी
वो पूरी की तुम्ही ने
तुम्ही ने समझा तुम्ही ने जाना
तुम्ही ने मुझ को जीना सिखाया
तुम न होते तो में क्या थी
तुम्ही मेरे सब कुछ हो
अब दुनिया की न रही परवाह
तुम्हे पाकर मैंने जाना
मेरी तलाश पूरी हो गयी
-गरिमा 

जीवन क्या है?

जीवन प्रभु की एक सुन्दर रचना है
जीवन गीता का उपदेश है
जीवन संघर्ष का दूसरा नाम है
जीवन चमकता सितारा है
जीवन दुःख की परछायी है
जीवन सुख की छाँव है
जीवन गर्म हवा का झोका है
जीवन ठण्डी हवा का झोका है
जीवन गीत है संगीत है
जीवन करुण रोदन है
जीवन प्यार की हवा है
जीवन वियोग की सजा है
जीवन यादो का झरोका है
जीवन तपता सोना है
जीवन बहुत प्यारा है
जीवन सपनो का मेला है
जीवन एक मीठी आस है
जीवन जीने का प्रयास है
जीवन एक ख़ुशी है
जीवन में हर कोई दुखी है
-गरिमा

बेटी नहीं पराया धन नहीं

बेटी पावन दुआएँ है
माँ की आस है बेटी
पापा का दुलार है बेटी
जो आने अपर थकान उतार  दे बेटी
ऐसी भोली सी पहचान है बेटी
बेटी न हो तो घर है  सूना
घर की पहचान है बेटी
हर रंग में रगने वाली
सबके दिलो की जान है बेटी
फिर क्यों बेटी को न समझा जाता
क्यों पैरों से रोंदी जाती
क्यों उनका दर्द न समझा जाता
जब होती है वो विदा घर से
क्यों पापा का दिल भर जाता
ससुराल में क्यों नहीं समझा जाता
बेटी बहु बनते ही
क्यों उनका मान न होता
बेटी और बहु में क्या अंतर
बेटी जब होती पापा के घर में
तो माँ क्यों कहती बेटी है पराया धन
बेटी कभी परायी न होती
दोनों घर का मान है बेटी
बेटी को न समझो कम
सबका है मान है बेटी
गरिमा

इंसान बटता चला गया

धरती अम्बर एक सी लहू भी सबका एक का सा
फिर भी इंसान क्यों बटता चला गया
सरहदे बट गयी दिलो पे लकीरे खिच गयी
फिर भी इंसान बटता  चला गया
धर्म बट गया जाति बात गयी
खून सबका लाल ही रहा
सब एक ही है धरती के लाल है
पर सबके दिल में अंगार है
क्यों नफरत बढ़ रही है दिलो में
सब इससे परेशान है
इंसान क्या करे बेचारा
वो भी परेशान है
कितना बाँटो गे दिलो को नफरत के जंजीर से
क्यों नहीं घोलते सबके दिलो में
प्यार की जंजीर
उस प्यार से रंग जाये
सबके दिलो में घर कर जाये
राम अल्लाह की जमी को
मुस्कराहट से भर जाये
न बाँटो तुम इंसान को
न बाँटो  तुम भगवान को
गरिमा

मैं नारी हूँ

में आधुनिक नारी हूँ
स्वाभिमान से जीती हूँ
खुद्दारी है जीवन में
डर  का कोई नाम नहीं है
परुषो से आगे आयी हूँ
हर काम में लोहा मनवाया है
खेलो में ही या हिमालय पर
हर जगह अपना परचम लहराया है
हर घर की शान हूँ मैं
हर घर की पहचान हूँ मैं
मेरे बगैर यज्ञ न होते
न कोई पूजा होती पूरी
नारी एक शक्ति है
इसको क्यों नहीं मान लेते
छाए हो व्यापार करना
या हो राजनीती की बात
हर जगह है मेरी पहचान
नर नारी कदम मिलाकर चलते
ऐसी मेरी वाणी है
नारी एक चिंगारी है
गरिमा