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मेरी तलाश पूरी हुई

जीवन में एक तलाश थी
जो आज पूरी हो गयी
कुछ ख्वाब सजाये थे मैंने
जो तेरे आने से पूरे हो गए
न जाने क्यों तुम दूर थे मुझसे
अब तो आ जाओ मेरे पास
जीवन में तुमने बहुत कुछ सिखाया
तुम न होते तो क्या थी जिंदगी
अब किसी की परवाह नहीं
बस अब याद है तेरी
जीवन में जो तलाश थी मेरी
अब वो पूरी हो गयी
जीवन में बहुत कुछ सह लिया
जो प्यार की कमी थी
वो पूरी की तुम्ही ने
तुम्ही ने समझा तुम्ही ने जाना
तुम्ही ने मुझ को जीना सिखाया
तुम न होते तो में क्या थी
तुम्ही मेरे सब कुछ हो
अब दुनिया की न रही परवाह
तुम्हे पाकर मैंने जाना
मेरी तलाश पूरी हो गयी
-गरिमा 

जीवन क्या है?

जीवन प्रभु की एक सुन्दर रचना है
जीवन गीता का उपदेश है
जीवन संघर्ष का दूसरा नाम है
जीवन चमकता सितारा है
जीवन दुःख की परछायी है
जीवन सुख की छाँव है
जीवन गर्म हवा का झोका है
जीवन ठण्डी हवा का झोका है
जीवन गीत है संगीत है
जीवन करुण रोदन है
जीवन प्यार की हवा है
जीवन वियोग की सजा है
जीवन यादो का झरोका है
जीवन तपता सोना है
जीवन बहुत प्यारा है
जीवन सपनो का मेला है
जीवन एक मीठी आस है
जीवन जीने का प्रयास है
जीवन एक ख़ुशी है
जीवन में हर कोई दुखी है
-गरिमा

बेटी नहीं पराया धन नहीं

बेटी पावन दुआएँ है
माँ की आस है बेटी
पापा का दुलार है बेटी
जो आने अपर थकान उतार  दे बेटी
ऐसी भोली सी पहचान है बेटी
बेटी न हो तो घर है  सूना
घर की पहचान है बेटी
हर रंग में रगने वाली
सबके दिलो की जान है बेटी
फिर क्यों बेटी को न समझा जाता
क्यों पैरों से रोंदी जाती
क्यों उनका दर्द न समझा जाता
जब होती है वो विदा घर से
क्यों पापा का दिल भर जाता
ससुराल में क्यों नहीं समझा जाता
बेटी बहु बनते ही
क्यों उनका मान न होता
बेटी और बहु में क्या अंतर
बेटी जब होती पापा के घर में
तो माँ क्यों कहती बेटी है पराया धन
बेटी कभी परायी न होती
दोनों घर का मान है बेटी
बेटी को न समझो कम
सबका है मान है बेटी
गरिमा

इंसान बटता चला गया

धरती अम्बर एक सी लहू भी सबका एक का सा
फिर भी इंसान क्यों बटता चला गया
सरहदे बट गयी दिलो पे लकीरे खिच गयी
फिर भी इंसान बटता  चला गया
धर्म बट गया जाति बात गयी
खून सबका लाल ही रहा
सब एक ही है धरती के लाल है
पर सबके दिल में अंगार है
क्यों नफरत बढ़ रही है दिलो में
सब इससे परेशान है
इंसान क्या करे बेचारा
वो भी परेशान है
कितना बाँटो गे दिलो को नफरत के जंजीर से
क्यों नहीं घोलते सबके दिलो में
प्यार की जंजीर
उस प्यार से रंग जाये
सबके दिलो में घर कर जाये
राम अल्लाह की जमी को
मुस्कराहट से भर जाये
न बाँटो तुम इंसान को
न बाँटो  तुम भगवान को
गरिमा