संदेश

बरसते मेघ

बरसते मेघ क्या कहते है, धरती की ताप मिटाते है, प्यार की बरसात कर जाते है, फिर भी कुछ नहीं मांगते किसी से, तह तरफ हरियाली छाती है। पेड़ पौधे नाचने लगते है, काली काली घटाये जब छाती है। मन चंचल हो जाता है, बरसते मेघ कहते है, तुम अपना आँचल फैला लो, समेट लो जहां की खुशियाँ, मेघ कहते है हटा दो दुनिया से सारी बुराईयो को, बरसा दो हर तरफ प्यार की सौगातें, डूब जाये सभी प्यार की बारिश में।। गरिमा

जिंदगी हसीन है

जिंदगी हसीन होती है, जिंदगी हसना सीखती है, जिंदगी हालातो से लड़ना सिखाती है जिंदगी भी अजीब पहेली  है, जिंदगी बहुत अच्छी सहेली है, जिंदगी जीना आसान नहीं होता है, हर पल सुख से जीना आसान नहीं होता,  जिंदगी हर दिन इम्तहान लेती है , हमें हर इम्तहान से गुजरना होता है जिंदगी से जो चाहते है, वो मिलता नहीं है जिंदगी हमें हर रूप दिखाती  है जिंदगी के रूप कई है कभी धूप  तो कभी छाँव है जिंदगी जिंदगी खुशनुमा होती है जिंदगी गम का सागर होती है जिंदगी एक विस्वास है जिंदगी को रोकर जो जीते है  जिंदगी उन्हें रुलाती है जो हसकर दुखो का सामना करते है जिंदगी उन्हें हसाती है जिंदगी में आज काली रात है तो कल दिवाली है जिंदगी बहुत हसीन है गरिमा

दिवाली की खुशियाँ

हमने कहा प्रिय - आओ दिवाली मनाये खुशियों का रंग सबके चहरे पर ले आये दिए की लौ से हर तरफ अँधेरा दूर भगाये जैसे ही दिया हमने जलाया देखा दूर कही अँधेरा फैला है और बच्चो की सिसकती आवाज़ मेरे दिल को भेद रही है हम वहाँ गए तो देखा करुण क्रन्दन हो रहा था सब बैचेन थे कैसे दिवाली मनाये जब पड़ोस में अँधेरा हो तो प्रिय हम कैसे दिवाली मनाये फिर दिए लाकर दिए हमने और मिठाई से शुभ किया हमने बच्चो को  पाटखे दिए हमने फिर भी दिल उदास है कैसे मनाये दिवाली हम माँ की आखो में वो सूनापन क्या त्यौहार हमारे नहीं है बच्चे दूध और अच्छा खाना को तरसे तो प्रिय ऐसे में कैसे दिवाली मनाये हम गरिमा 

ग्लोबल वार्मिंग

मानव कुछ नहीं समझ रहा है,   हरे भरे पेड़ काट रहा है। पत्थर के शहर बना रहा है, जीना  अपना दूभर कर रहा है। जब गर्मी बढ़ती है तो कहते है, हाय पेड़ क्यों नहीं लगाए, पानी क्यों  नहीं बचाया, धरती का पारा बढ़ रहा है। मानव उसमे झुलस रहा है, फिर भी हम पेड़ न लगाएंगे, ईंट पत्थरों का घर बनायेंगे। फिर क्यो हम भगवान को कोसते हैं, भगवान कुछ नहीं कर रहा है। जो कर रहे हैं हम कर रहे हैं, कहीं बाढ़ तो कहीं सुनामी आयेगी, प्रकृति से खिलवाड़ किया तो वो हमें सतायेगी। एसी जरूरी है, पेड़ नहीं, गाड़ी जरूरी है, हवा नहीं। सबको दोष दे देंगे, अपना दोष दिखाई नहीं देगा। गरिमा

प्यार का मौसम

प्यार का  मौसम बहुत सुहाना होता है, प्यार में भीग जाने का मन होता है। जिंदगी का हर लम्हा बहुत प्यारा होता है, प्यार का सपना बहुत प्यारा होता है। चाँद की चांदनी में डूब जाने का  मन होता है, प्यार की बारिश में भीगने का मन होता है। प्यार का रंग कुछ ऐसा चढ़ा मुझ पर, दौड़ कर गले लगाने का मन होता है। दिल में तुम्हारा नाम होता है, लबो पर तुम्हारा नाम होता है, धड़कने गुदगुदाने लगती है। नींद  में तुम्हारे ही ख्बाब आते है, प्यार में हम डूब डूब जाते है। बंद आखो में भी तुम्हारा ही चेहरा होता है, प्यार में हर रंग सुहाना लगता है। सावन में जब बरसात होती है, उस बारिश में तुम्हारे साथ भीग जाना चाहत हू। पर्याय का मौसम बहुत सुहाना होता है।। गरिमा

मतदान

आओ मतदान करे फिर से बदलाव करे लोकतंत्र की हो रही है शादी हम सब बन जाये बाराती वोट हमें डालना है जरुरी कोई शिकयत न रहे अधूरी हम सबको जगाना है मतदान सबको कराना  है अब तो जग जाओ तुम सब केवल वोट पर चर्चा न करे हवा बदलाव की आ रही है चुनाव की घंटी बज रही है लोकतंत्र का यह त्यौहार सब मिलकर मनाओ हरबार चुनाव नहीं है ये मतदान है नए भारत का निर्माण हम करे सारे विश्व में झंडा बुलंद हो भारत का जो सेवक हो उनको दो कमान भारत फिर से हो जाये महान गरिमा 

डेमक्रेसी

डेमोक्रेसी क्या है प्रियतम के वादों  की तरह होती है प्रियतम के वादे तो पूरे हो जाते है पर डेमोक्रेसी के वादे पूरे होते नहीं डेमोक्रेसी भाईचारे की तरह होती है जो होता तो है पर निभाया नहीं जाता डेमोक्रेसी का मतलब  आज़ादी होता है आज़ादी रामनाम की, आज़ादी हर काम की, आज़ादी लूटने की, आज़ादी सबको ठगने की आज़ादी समानता की आज़ादी अमीरो को अमीर बनाने की आज़ादी गरीबो को गरीब बनाने की डेमोक्रेसी का मतलब समानता भी होता है सामान विचारो से होता है प्रियतम के विचार तो मिल सकते है डेमोक्रेसी में कभी नहीं मिलते डेमोक्रेसी घर से दफ्तर तक होती है लोग एक दूसरे  पर चिल्लाते है डेमोक्रेसी बहुत तड़पाती  है बहुत इंतज़ार कराती है प्रियतम तो आ जाता है डेमोक्रेसी कभी नहीं आती गरिमा