संदेश

मतदान

आओ मतदान करे फिर से बदलाव करे लोकतंत्र की हो रही है शादी हम सब बन जाये बाराती वोट हमें डालना है जरुरी कोई शिकयत न रहे अधूरी हम सबको जगाना है मतदान सबको कराना  है अब तो जग जाओ तुम सब केवल वोट पर चर्चा न करे हवा बदलाव की आ रही है चुनाव की घंटी बज रही है लोकतंत्र का यह त्यौहार सब मिलकर मनाओ हरबार चुनाव नहीं है ये मतदान है नए भारत का निर्माण हम करे सारे विश्व में झंडा बुलंद हो भारत का जो सेवक हो उनको दो कमान भारत फिर से हो जाये महान गरिमा 

डेमक्रेसी

डेमोक्रेसी क्या है प्रियतम के वादों  की तरह होती है प्रियतम के वादे तो पूरे हो जाते है पर डेमोक्रेसी के वादे पूरे होते नहीं डेमोक्रेसी भाईचारे की तरह होती है जो होता तो है पर निभाया नहीं जाता डेमोक्रेसी का मतलब  आज़ादी होता है आज़ादी रामनाम की, आज़ादी हर काम की, आज़ादी लूटने की, आज़ादी सबको ठगने की आज़ादी समानता की आज़ादी अमीरो को अमीर बनाने की आज़ादी गरीबो को गरीब बनाने की डेमोक्रेसी का मतलब समानता भी होता है सामान विचारो से होता है प्रियतम के विचार तो मिल सकते है डेमोक्रेसी में कभी नहीं मिलते डेमोक्रेसी घर से दफ्तर तक होती है लोग एक दूसरे  पर चिल्लाते है डेमोक्रेसी बहुत तड़पाती  है बहुत इंतज़ार कराती है प्रियतम तो आ जाता है डेमोक्रेसी कभी नहीं आती गरिमा 

होली के रंग

होली के रंग भी कितने अच्छे होते है, होली के रंगो में उल्लास होता है, मौज मस्ती का त्यौहार होता है सारी  फ़िज़ा रंगीन लगती है एक दुसरे को रंग लगाओ कड़वाहट को दूर भगाओ प्रेम का त्यौहार है ये सब मिलजुल कर त्यौहार मनाओ होली सबके दिलो को रंगती  है नफरत पर रंगो की बरसात कर दे दो दिन की होती है जिंदगी तो क्यों पाले हम नफरत याद आती है बचपन की बाते कितना सुन्दर लगता है वो पल जब नाचते झूमते हम होली मानते थे पकवानो से मन भर जाता था गरीब बच्चो को रंग देते थे उनके चहरे  की मुस्कान मन मोह लेती थी उनको पकवान खिलाना बहुत अच्छा लगता था होली पर्व है उल्लास का गरिमा 

लोग क्या कहेंगे

आज हम सब इसी सोच में डूबे है, लोग क्या कहेंगे, अपने सपनो को पूरा न कर पाए, इसी सोच में डूब गए की लोग क्या कहेंगे  हम भीड़ से अलग चलकर अपनी पहचान बनाये, पर कुछ कर न पाए क्योकि लोग क्या कहेंगे प्यार करना चाह रहे थे, पर लोग क्या कहेंगे पढाई में अच्छे नम्बर आ गए, तो लोग क्या कहेंगे जीत पापा अगर डॉक्टर है और बेटा डॉक्टर न बन पाया, तो लोग क्या कहेंगे जब हम कुछ करने की सोचे उसका परिणाम कुछ भी आये पर लोग क्या कहंगे लोगो की बाते सुनकर अगर काम करना चाहे तो कुछ न कर पाएंगे जिसने अपना रास्ता खुद बनाया तो भी लोगो ने कहा की क्या इंसान है लोग कुछ भी कहे हमें अपना काम करना है लोग क्या कहेंगे में पढ़कर अपना जीवन व्यर्थ नहीं करना है लोग तो कहते है चाहे अच्छा करो या बुरा हमें अपनी मंजिल खुद बनानी है फिर लोग कुछ भी कहे गरिमा 

भारतीय सैनिको को सलाम

 माँ अपने सैनिक बेटे से कहती है - में तेरी जननी हूँ बेटा, भारत माँ तेरी असली माँ है इस भारत माँ पर कुरबान हो जा मेरी कोख को सुख दे दे बेटा अपनी माँ से कहता है- माँ तो जननी है मेरी, भारत माँ को सुख दूंगा जब भी माँ पर आएगी आफत दुश्मन का सीना छलनी कर दूंगा आज फिर कुछ साथियो को दुश्मन ने मार गिराया है में जाता हु माँ तेरी गोद से भारत माँ ने बुलाया है माँ कहती है- जाओ बेटा जल्दी जाओ, भारत माँ को आज़ाद कराना  है उन बेटो का बदला ले लो जिनको दुश्मन ने मार गिराया है बदला लेकर आना बेटा, दुश्मन को पीठ दिखाना न, मेरी कोख गर्व करेगी में तेरा राजतिलक करुँगी बेटा जाता है- आओ आओ दुश्मन आओ मैं  तुमको मार गिराता हूँ अपने भाइयों की शहादत का बदला लेकर जाता हूँ दुशमन को मार कर वापस बेटा आता है- माँ खुश होकर कहती है तूने मेरी कोख का मान रखा है गरिमा 

आतंकवाद एक ज्वलंत समस्या

भारत पाक की दुश्मनी सदियों पुरानी  है, हर बार पाक की तरफ से सीज फायर का उलंघन होता है और भारत के कुछ जवान शहीद हो जाते है. आतंकवाद का अर्थ है समाज को अपने कुकृत्यों से भयभीत कर देना आतंकवाद कहलाता है. जो उन्हें भयभीत कर दे वो आतंकवादी कहलाते है १४ फरवरी को जो कुछ हुआ वो बहुत गलत हुआ सरे देश में इस टाइम भूचाल आया हुआ है, अब समय आ गया है की पाक को जबाब देना होगा भारत को इस बार सभी देशो को बताना होगा की भारत की तरफ कोई आँख उठायेगा  तो उसकी खैर नहीं.                                                   इतिहास गवाह है की मानवता पर दानवता भरी पड़ी है दानवता का नाश करने कोई न कोई आगे आया है.  आतंकवादी सोचते है की भारत को डरा कर उस पर राज़ कर लेंगे लेकिन यह संभव नहीं है. आतंकवाद के खिलाफ आज सरे देश भारत के साथ खड़े है उसका कारण है की उन्हें भी आतंकवाद का दर्द झेलना पड़ा है आतंकी गतिविधयों को तह में जाकर देखना होगा भारत की तरफ से महतोड़ जबाब देना होगा राष्ट्रीयता ...

मातृ पितृ दिवस

माता पिता हमारे जीवन में बहुत महत्व रखते है, उनको केवल एक दिन याद कर लेने मात्र से हमारे दायित्व की पूर्ती नहीं होती है जिन्होंने हमें जन्म दिया पाला  पोसा, जीवन जीने की कला सिखाई क्या उन्हें बस एक दिन याद कर लेना बहुत होता है माँ पापा हमारे जीवन की धुरी होते है माँ अगर धरती है तो पिता आकाश होता है पिता अपनी जिम्मेदारी हमेशा निभाता है. माँ से बड़ा कोई नहीं है भगवन से बढ़कर माँ पापा होते है, हमें सही रास्ता दीखते है, माँ पापा अपने भूखा रखकर हमें खाना खिलाते  है, उनका कर्ज कोई नहीं उतार सकता है।                                        माता पिता अपने सब बच्चो को सामान समझते है, कोई भेद भाव नहीं करते उनकी हर जरुरत पूरा करते है आधुनिक युग में माँ पापा की परिभाषा बदल गयी है. बच्चे उन्हें बोझ समझते है उनके लिए ओल्ड ऐज होम ढूँढ़ते है जब माँ पापा को सबसे ज्यादा जरुरत अपने बच्चो की होती है तब वो उनके पास नहीं होते है वो अपना दर्द किसी से नहीं पाते क्या केवल मातृ पितृ दिवस मना लेना ही उचित ह...