संदेश

सावन आया

 सावन आया, बर्षा लाया जल में डूबा  सारा संसार हर तरफ है खुशहाली झूम रही  है डाली डाली ऐसे में आती तुम्हारी याद वो  बरसात की रात हर तरफ थी बरसात उस में तेरा साथ था कितना प्यारा बरसात में काले बादलो  को देखना कितना प्यारा लगता था सावन आया खुशिया लाया साथ लाया प्रियतम की याद ए ! प्रिये तुम आ जाओ और भिगो दो मेरे तन मन को सावन में नदिया कल कल करती है और उस आवाज में आती प्रियतम की याद -गरिमा

चाँद की चमक

चाँद कहता है मुझसे आदमी क्या अनोखा जीव है उलझन खुद पैदा करता है फिर न सोता है, और मुझसे बाते करता है रात भर मेरी चमक में अपने को निहारता है मेरी आगोश में आकर अपनी उलझन भूल जाता है चाँद अपनी चांदनी के साथ हर गम भूल जाता है चाँद पूरी रात सबको मीठी नींद सुलाता है स्वप्न में लोग चाँद की चमक देखते है और  देखते है हर दुःख सुख को अपने और उन दुखो और सुखो को सुबह भूल कर फिर चाँद का इंतज़ार करते है की चाँद आये और हम अपने दुःख सुख साथ बाटे और उसकी चांदनी में सब दुखो, को भूलकर मीठी नींद  में सो जाये और खो जाये चाँद की चमक में गरिमा

जीवन पानी का बुलबुला

जीवन क्या है? पानी का बुलबुला तो है पाँच तत्वों  से मिलकर बना ये जीवन कब मिटटी में मिल जायेगा कोई नहीं जानता कितने सुख, कितने दुःख सहता है पर जीवन देता है हमेशा हमें नयी ऊर्जा जीने की बचपन से लेकर बुढ़ापे तक,  कितनी होती है सुहानी यादें  एक हमसफ़र के साथ कीयादो के साथ की अनुभूति से सराबोर और उन्ही यादो के सहारे बढ़ता है और हो जाता है पंचतत्वों में विलीन  कितनी छोटा हैजीवन फिर भी लोग लड़ने में, बिता देते है  जीवन कितना है अनमोल इसका अहसास जीवन जाने के बाद होता है  

सादर नमन

वीर जवान खड़ा हिम शिखर  पर सीना ताने  हिम चट्टानों में करता है वो हमारी रक्षा सारी चुनौतियों को स्वीकार करके हमें नाज है उन वीरो पर जो अपनी भारत माता की रक्षा करते, वो भारत माता के लाल जिन्हे धरा पुकारती ऐसे ही एक वीर है जिनकी माँ धन्य है, वो जिन्होंने हनुमनथप्पा को जन्म दिया ६ दिन तक लड़ते रहे मौत से और मौत को दे दिया चकमा पर वो नहीं लड़ पाया और आगे, और वीरता से मौत  लगा लिया धन्य हो हनुमनथप्पा तुम, जो हार कर भी जीत गए तुम्हे नमन हो और  अश्रुपूर्ण विदाई -गरिमा

सावधान पाकिस्तान

कब बधाए रोक सकी है हम आज़ादी के परवानो को कितनी बार   और इम्तहान लेगा पाकिस्तान हमारी हर बार हाथ बढ़ाया दोस्ती का पर हर बार मिला धोखा कितनी बार और लेगा इम्तहान हमारा फिर गिरेंगे फिर उठेंगे सीना ताने हम न झुके है न झुकेंगे चाहे कुछ भी कर लो तुम कितना और करोगे खून खराबा उसका न कोई है हिसाब अब सम्हल जाओ वीरो ने ललकारा सावधान हो जाओ पाकिस्तान वीरो ने ललकारा  गरिमा

ससुराल एक इम्तहान

ससुराल एक इम्तहान है जिससे सबको गुजरना है हर लड़की या लड़के का ससुराल होता है, सास  हिटलर के समान  होती है ससुर हर घाव  पर मरहम लगाते है ननद   तो घर की रानी होती है, जो बहू को नौकरानी समझती है देवर के  कहने  वो तो पूरे घर लाडला होता है बहू  जो आती है बड़े अरमानो से उसे गुजरना होता है हर इम्तहानों से अगर फेल हुई किसी इम्तहान में तो यही  कहा जाता है मायके में कुछ सिखाया  नहीं, क्यों लगती है ये तोहमत ससुराल में जितना भी कर ले बहू उसे गुजरना होता है हर इम्तहान से गरिमा 

दोस्ती अनमोल है

दोस्त  अनमोल होते है, दोस्त यादो में, सम्बादो में  होते है दोस्त गीत  ग़ज़ल होते है दोस्त न हो  जिंदगी सूनी है सारे रंग फीके है न होली न दिवाली अच्छी लगती है दोस्त महफ़िलो में संगीत की मधुर धुन की तरह होते है, हर दर्द  में दोस्त साथ  होते है दोस्त रूठ जाये तो  जग रूठ जाता है, दोस्त से बढ़कर कोई नहीं होता है सर्द रातो में चाय की चुस्कियो में दोस्त ही साथ होते है दोस्त अगर सच्चे हो तो जिंदगी हसीं है सच्चे दोस्त बहुत मुश्किल  से मिलते है दोस्त कमजोर धागो से नहीं बंधे होते जो टूट जाये दोस्त कभी न छूटे क्योकि दोस्त अनमोल होते है -गरिमा