चाँद साक्षी है



चाँद साक्षी है हमारे मिलन का,

चाँद साक्षी है हम दोनों के बंधन का।


चाँद साक्षी है हमारे दुख-दर्द का,

चाँद साक्षी है जीवन के हर सुख का।


चाँद साक्षी है साथ बिताए उन पलों का,

चाँद साक्षी है मेरे सोलह शृंगार का।


चाँद साक्षी है मेरे हर व्रत-त्योहार का,

चाँद साक्षी है हर करवाचौथ के इंतज़ार का।


चाँद साक्षी है मेरे त्याग और तपस्या का,

चाँद साक्षी है तुम्हारे हर प्रयास का।


चाँद साक्षी है हमारी हर एक प्रार्थना का,

चाँद साक्षी है प्रेम से भरे हर वादे का।


चाँद साक्षी है मेरे अटूट विश्वास का,

चाँद साक्षी है तुम्हारे मेरे साथ का।


हर जन्म में बस तुम्हारा साथ मिले,

हमारे प्रेम को चाँद का आशीर्वाद मिले।


चाँद साक्षी है इस पावन प्यार का,

चाँद साक्षी है सात जन्मों के इस संसार का।


 गरिमा लखनवी

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