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ससुराल एक इम्तहान

ससुराल एक इम्तहान है जिससे सबको गुजरना है हर लड़की या लड़के का ससुराल होता है, सास  हिटलर के समान  होती है ससुर हर घाव  पर मरहम लगाते है ननद   तो घर की रानी होती है, जो बहू को नौकरानी समझती है देवर के  कहने  वो तो पूरे घर लाडला होता है बहू  जो आती है बड़े अरमानो से उसे गुजरना होता है हर इम्तहानों से अगर फेल हुई किसी इम्तहान में तो यही  कहा जाता है मायके में कुछ सिखाया  नहीं, क्यों लगती है ये तोहमत ससुराल में जितना भी कर ले बहू उसे गुजरना होता है हर इम्तहान से गरिमा 

दोस्ती अनमोल है

दोस्त  अनमोल होते है, दोस्त यादो में, सम्बादो में  होते है दोस्त गीत  ग़ज़ल होते है दोस्त न हो  जिंदगी सूनी है सारे रंग फीके है न होली न दिवाली अच्छी लगती है दोस्त महफ़िलो में संगीत की मधुर धुन की तरह होते है, हर दर्द  में दोस्त साथ  होते है दोस्त रूठ जाये तो  जग रूठ जाता है, दोस्त से बढ़कर कोई नहीं होता है सर्द रातो में चाय की चुस्कियो में दोस्त ही साथ होते है दोस्त अगर सच्चे हो तो जिंदगी हसीं है सच्चे दोस्त बहुत मुश्किल  से मिलते है दोस्त कमजोर धागो से नहीं बंधे होते जो टूट जाये दोस्त कभी न छूटे क्योकि दोस्त अनमोल होते है -गरिमा

सवेरा हो गया

सूरज निकला हुआ सवेरा पंछी निकले अपने घरों से, आसमान में  लालिमा छायी मौसम की निराली छटा छायी सिमट गया रात का पहरा रात गयी तो फूल  खिले सबके लिए नया पैगाम आया सूरज निकला हुआ सवेरा लोगो के जीवन में  आएगा कब  सवेरा भूख और बईमानी का अँधेरा कब  जाएगा जागो प्यारे तुम भी जागो सरपट से दूर भगाओ अँधेरा जब जागे तब ही सवेरा

राखी की मिठास

आया राखी  त्यौहार छाया हर तरफ उल्लास सभी बहनें हाथ में लेकर तैयार है भाई को बांधने के लिए नग लगी राखी, या हो रेशम की डोरी प्यार और स्नेह से भाई के मस्तक पर रोली लगाती  अपने जीवन  को बचाने का प्रण हुई पर आज वो दिन है  कहा सब व्यस्त है अपने जीवन में भाई बहन का प्यार  है अनमोल, भाई चाहे जितनी दूर हो  बहन  उसके लिए मंगलकामना करती है राखी का  त्यौहार है बहुत प्यारा सभी भाई को यही है मेरी सलाह  बहन को बहन की तरह प्यार करे उनका सम्मान करे गरिमा 

माँ की महिमा

माँ कितनी महान होती है उसके चरणों  में जन्नत होती है माँ की महिमा का क्या  करुँ वर्डडन वो तो सारे बरम्हांड की माँ होती है, देवता भी जिन्हे पूजते नहीं थकते ऐसी माँ हम सबकी पहचान होती है, वो भूखा रहकर हम सबको खिलाती ये  उसके ममता की पहचान होती है माँ कितनी महान होती है  जिसकी माँ नहीं होती वो कितने अभागे है पर माँ ही उनकी भी पहचान होती है, फिर क्यों  भूल जाते उसके त्याग वो तो बच्चो के मुख की मुस्कान होती है माँ कितनी महान होती है बीबी आने के बाद भूल जाते लोग माँ को पर माँ को अपनी बच्चो की परवाह होती है हर दुःख अपने पर लेकर बच्चो के हर सुख सेहत की परवाह होती है,  माँ कितनी महान होती है उसके चरणो में जहाँ होता है  ऐसी माओ को मेरा शत शत नमन

कलाम को सलाम

कलाम अपने कर्मो से पहचाने गए उनकी क्या मिसाल ज्ञान और विज्ञानं कके  थे मिसाल सादा  जीवन उनकी  पहचान बच्चो को सीखते रहे किताबो से करना प्यार,  किताब ही सच्ची साथी उनका हर दम कहना  होता भारत को कैसे बनाये महान हर दम ये सोचा करते बच्चो से कहते सपने देखो  ऊँचे  जिन को तुम पूरा कर पाओ दिल दर्द से भरा हुआ है,  लिखू लिए शब्द कम पड़े रहे है उनको मेरा शत शत प्रणाम

प्यार का रंग

प्यार का रंग ऐसा है. जिस पर चढ़ा वो प्रेममय हो गया प्यार किसी से भी हो सकता है। भगवान  से हो तो जीवन सफल हो जाता है, कुछ नहीं है इस जीवन में. अच्छे कामो को जाना जाता है प्यार करो तो  सबसे करो, जैसे राधा ने श्याम से किया हर तरफ बिखेरो खुशियो का रंग जिस रंग  सारे लोग भूल जाये अपने गम