डॉक्टर्स डे

 

डॉक्टर कितने महान होते हैं,

रोगियों के लिए भगवान होते हैं।

हम अपना हर दर्द उन्हें बताते हैं,

वे हर पीड़ा की पहचान होते हैं।

रोगी को स्वस्थ करना आदत है उनकी,

उनकी मुस्कान भी दवा का काम करती है।

डॉक्टर प्यार से दो शब्द बोल दें,

तो रोगी की आधी पीड़ा दूर हो जाती है।

कितनी आस लेकर आते हैं रोगी,

और स्वस्थ होकर घर लौट जाते हैं।

जटिल से जटिल रोगों का उपचार कर,

डॉक्टर जीवन में नई उम्मीद जगाते हैं।

पर आज कहीं-कहीं डॉक्टरी एक पेशा बन गई है,

कुछ लोग अपना कर्तव्य भूल धन कमाने में लग गए हैं।

रोगियों की जान अब सस्ती न समझी जाए,

मानवता की लौ सदा जलती रहनी चाहिए।

डॉक्टर्स डे पर सभी चिकित्सकों से यही अपेक्षा है मेरी,

रोगी को रोगी ही समझें,

पैसा कमाने की मशीन नहीं।

गरिमा लखनवी

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