तेरी याद

 

तेरे मिलने की आस हमें बेचैन कर जाती है,

तू नहीं आता, तेरी याद ही आ जाती है।

तुम जो दूर हो, ये रातें सोने नहीं देतीं,

हर धड़कन तेरी ही कहानी सुनाती है।

हथेली पर तेरा नाम लिखकर मिटा देते हैं,

फिर भी दिल से तेरी तस्वीर न मिट पाती है।

तेरा चेहरा निगाहों से दूर नहीं होता,

हर एक पल तेरी सूरत ही नजर आती है।

बस एक आस दिल में जगी रहती है हरदम,

कि तू आएगा, यही उम्मीद जगाती है।

तुम न जाने किस जहाँ में जा छुपे हो अब,

तेरी याद ही दिल में घर बना जाती है।

गरिमा लखनवी

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