सावन का सुहाना मौसम

सावन के  मौसम में तेरी यादो का आना
उस पर बारिश  में भीग जाना
पुरवाई की सोंधी सोंधी खुशबू
 हर तरफ की फ़िज़ा महका रही है
सावन की बूंदे ने छेड़ी है सरगम 
मन के कोने में तेरी  यादो का आना
मन के हर कोनो को महका जाना
मेघो का गरजना और तेरा मेरी  बाहो में लिपट जाना
सावन में लगता है प्यारा
 सारी फ़िज़ाए धुली धुली नज़र आती है
फूलो की खुशबु सारे जहा में फैल जाती है
नींद उड़ जाती है चैन खो जाता है
सावन में तेरी याद बहुत आती है
सावन में काली बदिरा की राते भी
प्यार का अहसास करा रही है
सावन का भीगा भीगा मौसम
बीते हुए लम्हो की याद दिला रहा है
सावन की मौसम में तेरी यादो का आना
मेरे मन के हर कोनो को महका रहा है
-गरिमा



टिप्पणियाँ

RADHA TIWARI ने कहा…
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बुधवार (08-08-2018) को "सावन का सुहाना मौसम" (चर्चा अंक-3057) पर भी होगी।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
राधा तिवारी

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