संदेश

अक्तूबर, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मेरा चाँद मुझ को नजर आया है

ए चांद तुम धरती पर जल्द आ जाओ,  में सज सवर के तेरा इन्तज़ार करती हूं,  तन मन से मै अपने पिया की मनभावन बाते सुनती हूं,  साल की खट्टी मीठी बातें याद करती हूं,  चाँद के आगोश में बिताए वो सुनहरे पल,  उन पालो को याद कर यही प्रार्थना करती हूं, मेरा चांद रूपी पति हर पल मेरे पास रहे,  मैने उनके लंबी उम्र के लिए व्रत किया है,  पूजा की थाल सजाकर तेरा इन्तज़ार करती हूं,  हर पल हर घड़ी तेरा अह्सास मेरे दिल में है,  जब मै अपने पति के लिए सजती संवरती हूं,  चाँद का दीदार कर पिया के हाथो पानी पीती हूं,  हर पल यही दुआ है हर जन्म में तेरा साथ हो,  सदा सलामत रहे हैं मेरा सिंदूर यही दुआ है अपने चांद से,  मेरी जिन्दगी हर साँस मेरे पिया का है,  मेरा चांद मुझे आया है नजर।। गरिमा लखनवी

यादे

   ये तुमने क्या कह दिया, तुम मुझे याद नहीं करते हो, मेरे दिल के टुकड़े कर दिए, कितने सपने देखे थे हमने,  एक पल में चकनाचूर हो गये,  कहा था तुमने हर बार मुझसे,  साथ कभी छोड़ूंगा नहीं तुम्हारा,  आज लगता है रब भी मुझ से रूठ गया,  जिसे मैने अपना माना,  वो ही दिल को तोड़ गया,  क्या कहु ए दिल तुमसे,  अपने होठों पर मुस्कान ला,  और फिर से याद कर उस रब को,  वहीं सही रास्ता दिखाएगा तुझको।। गरिमा

शास्त्री और गांधी

शास्त्री और गांधी कहा गए, आज आपकी जरुरत फिर भारत माँ  को है, हर तरफ अराजकता का  बोलबाला  है , न शांति है न चैन है माँ के आँचल में, भारत माँ  ढूंढ रही अपने सपूतो को, शास्त्री और गांधी फिर आ जाओ भारत में,  आज आपका जन्मदिन है, इस दिन  भी  अमन चैन नहीं है, मानवता खत्म हो गई इस दुनिया से,  सब एक दूसरे के खून के प्यासे है, पीडितों को न्याय नहीं मिल रहा है,  उनके सपनों को रौंदा जा रहा है,  आओ आज फिर हम सब कसम खाये,  शास्त्री और गांधी का भारत बनाये,  शास्त्री और गाँधी की गाथा सदा अमर रहेगी,  यही उनको जन्मदिन की सही बधाई होगी।। गरिमा लखनवी