गुरुवार, 28 जुलाई 2016

सावन आया

 सावन आया, बर्षा लाया
जल में डूबा  सारा संसार
हर तरफ है खुशहाली
झूम रही  है डाली डाली
ऐसे में आती तुम्हारी याद
वो  बरसात की रात
हर तरफ थी बरसात
उस में तेरा साथ था कितना प्यारा
बरसात में काले बादलो  को देखना
कितना प्यारा लगता था
सावन आया खुशिया लाया
साथ लाया प्रियतम की याद
ए ! प्रिये तुम आ जाओ
और भिगो दो मेरे तन मन को
सावन में नदिया कल कल करती है
और उस आवाज में आती प्रियतम की याद
-गरिमा


1 टिप्पणी:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (30-07-2016) को "ख़ुशी से झूमो-गाओ" (चर्चा अंक-2419) पर भी होगी।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'