होली का त्यौहार है कितना प्यारा, सब तरफ है रंगों का उजियारा हरे, गुलाबी, नीले, पीले हर रंग की है अदा निराली जैसे कह रहा कोई कहानी हर कोई है मस्ती में डूब जाना चाहता है रंगों की मस्ती में प्यार की बहार है होली का त्यौहार है गुझियो की बहार है रंगों की बौछार है नफरत का कोई न रंग है सब एक दूसरे के साथ मगन है ठंडाई का संग है नाचने का उमंग है होली के संग है
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एक बच्चा छोटा सा जो दुनिया के तीन पाच नहीं जानता जब मिलता है ऐसे लोगो से जो गलत होते है तो वो भी उसी रंग में रंग जाता है क्या गलती है उअस बच्चे की वो जो देखता है वही सीखता है फिर क्यों कहते है लोग की उस बच्चे को देखो कैसे लड़ रहा है किसने सीखाया उसे लड़ना वो तो नहीं कही से सीख कर आया था उसका क्या दोष जो देखेगा वही सीखेगा तो क्या उसे जीने का हक नहीं है क्यों न उसे सीखाये प्यार की भाषा तभी तो होगा अमन और चैन न होंगे लड़ाई और न किसी से बैर
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आज कुछ ऐसा लगा की सब कुछ खास है सुबह की पहली किरण के साथ नयी आशाये नए सपने एक नयी आहात दे रहे है में जीना चाहती हु उन् सपनो में एक नयी दुनिया में जहा नफरत के लिए कोई जगह नहीं हर तरफ प्यार है भाईचारा है सब एक दुसरे की मदद करते है किसी को किसी से दुश्मनी नहीं है क्या ऐसी कोई दुनिया है जहा सिर्फ प्यार हो कोई नफरत न हो सब एक दुसरे की मदद करे नहीं यह सिर्फ सपनो में ही संभव है
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एक छोटी सी गुडिया प्यारी करती है अपनी मनमानी न सोती न जगती है सबको हैरान करती है अपनी जिद मनवाती है कैसे होते है बच्चे प्यारे वो गुडिया है सबकी प्यारी पापा की तो राजदुलारी मम्मी की है जान वो सारी दादा दादी की राजकुमारी गुडिया जब सोती है तो वो सपने में हसती है कितना प्यारा होता है इनका जीवन न कोई चिंता न कोई फिकर ऐसे ही होता काश हमारा जीवन
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जिन्दगी एक किराये का घर है एक न एक दिन बदलना पड़ेगा मौत जब तुझको आवाज़ देगी घर से बहार निकलना पड़ेगा मौत का बजा जब सर पे डंका फूक दी पल में सोने की लंका मौत जब तुझको आवाज़ देगी घर से बहार निकलना पड़ेगा देखना हो गर दिन सूनेहरा शाम के बाद होगा सवेरा पैर फूलो में रखने से पहले तुमको काटों पर चलना पड़ेगा ये जवानी है दो दिन का सपना ढूंढ लो साथी कोई भी अपना ये जवानी अगर ढल गयी तो हाथ हाथ मल मल के रोना पड़ेगा जिन्दगी एक किराये का घर है एक न एक दिन बदलना पड़ेगा '