बुधवार, 6 फ़रवरी 2013

मेरा मन

मेरा मन करता है कि
आसमान में उड़ जाऊ,
हाथ से छुकर नन्ही नन्ही
कलियों को,
जो खिलना चाहती है
 उनको  लेकर उड़ जाऊ
नन्ही नन्ही बूंदों को
समेट कर पानी का
सुमंदर बनाऊ
और उसमे कागज की नाव चलाऊ
मेरा मन करे की आसमान से तारे
तोड़कर एक छोटा सा घर बनाऊ
पर क्या ये संभव है?
मेरा मन करे की पानी के साथ
खेलू,
और मन करे की उड़ जाऊ आसमान में
पर ये एक कल्पना है
 ऐसा होता   नहीं है
मेरा मन करे

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