रविवार, 1 जनवरी 2017

नया साल कुछ ऐसा हो

नया साल में नयी चीजे हो
भारत से भूख गरीबी दूर हो
पेप्सी कोला बंद हो
बर्गर पीजा बंद हो
सब लोग भारतीय भोजन करे
महँगाई घटे बेतन बढे
लोगो में भाईचारा हो
भाई भाई से न  लड़े
प्यार ही प्यार बढे
लड़की की हत्या न हो
बहू कोई जलाई न जाये
बहू को बेटी समझा जाये
सांसद लड़ाई न करे
जनता को बुद्धू न बनाये
जनता का हित सब सोचे
उनके दुःख  दर्द सब समझे
बेटा माँ पिता को माने
बहू  सास को माँ माने
सब तरफ प्यार ही प्यार फेले 
ऐसा नया साल हो मेरा
-गरिमा

1 टिप्पणी:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (03-01-2017) को "नए साल से दो बातें" (चर्चा अंक-2575) पर भी होगी।
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
नववर्ष 2017 की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'