बुधवार, 18 जनवरी 2017

बर्फ की जिंदगी

बर्फ की जिंदगी कितनी कठिन होती है
हर समय पत्थर  बने रहना,
धूप की जब किरणे परी
तो पिघलना शुरू हो गया
बर्फ से मिलती जिंदगी है
रिश्ते  जिनको हम बर्फ की तरह कठोर बना देते है
हम अपनी मै में खो जाते है
कोई भी बड़ा अपनी धूप  रुपी बुद्धि देना भी चाहे,
तो हम लेना नहीं चाहते
क्यों?
क्योकि हम बर्फ की तरह कठोर हो जाते है
तो हमें सबकी बात खराब लगती है
रिश्ते पूछते है
की क्या हम इसी तरह जमे रहेंगे ?
क्या कोई गर्मी इन रिश्तो  पिघला पायेगी
हर घर में बर्फ जमी है
कोई नहीं चाहता की सूरज की रौशनी पड़े
और रिश्तो पर पड़ी बर्फ पिघलने लगे
-गरिमा

रविवार, 1 जनवरी 2017

नया साल कुछ ऐसा हो

नया साल में नयी चीजे हो
भारत से भूख गरीबी दूर हो
पेप्सी कोला बंद हो
बर्गर पीजा बंद हो
सब लोग भारतीय भोजन करे
महँगाई घटे बेतन बढे
लोगो में भाईचारा हो
भाई भाई से न  लड़े
प्यार ही प्यार बढे
लड़की की हत्या न हो
बहू कोई जलाई न जाये
बहू को बेटी समझा जाये
सांसद लड़ाई न करे
जनता को बुद्धू न बनाये
जनता का हित सब सोचे
उनके दुःख  दर्द सब समझे
बेटा माँ पिता को माने
बहू  सास को माँ माने
सब तरफ प्यार ही प्यार फेले 
ऐसा नया साल हो मेरा
-गरिमा