शुक्रवार, 30 सितंबर 2016

पाक को करारा जबाब

ऐ वीर जवानों उठ जाओ
भारत माँ ने ललकारा है.
अब  बहुत हो चुका कतले - आम
अब सबने ललकारा है
कितने निर्दोष आतंकबाद के भेंट चढ़े
माँ  के लाल सो गए गोद में
कब तक सूनी  होगी बहनो की आँखे
अब बदला लेने की बारी  है
अब न करो शांति की बात
वो भाषा आती नहीं पाक को
न करो रहम उन पर
जिन्होंने माता की गोद को असमय उजाड़ा है
अब समय आ गया उनको 
उनकी आकौत दिखाने का
-गरिमा

मंगलवार, 13 सितंबर 2016

हिन्दी दिवस

हिन्दी  दिवस आ गया
हिन्दी फिर उदास हो गयी
लोग  एक दिन ही उसे याद क्यों करते है
वो उदास इसलिए भी  है,
बाकी भाषा की तरह उसे हमेशा क्यों नहीं पूछा जाता है
हिन्दी की ऐसी दुर्दशा क्यों हो गयी
हिन्दी केवल कुछ लोगो की भाषा बन कर रह गयी
आज हर जगह अंग्रेजी का बोलबाला है
अगर अंग्रेजी न आये तो आपको कुछ नहीं आता है
राजभाषा  हिंदी नाम की रह गयी है
   केवल   एक दिन हिन्दी को मनाने से
काम खत्म नहीं होगा
वरना हिन्दी हमेशा उदास रहेगी
-गरिमा

सोमवार, 12 सितंबर 2016

बेटी घर की शान

घर की शान होती है बेटिया
 दिल का अरमान होती है बेटिया
बेटो से बढ़कर होती है बेटिया
पापा   की आन होती है बेटिया
घर से लेकर बाहर तक का मान होती है बेटिया
न हो बेतिया तो जग हो सूना
हर  त्यौहार की रंगत रंगत होती   बेटिया
भारत की शान बेटिया
बेटी से ही हर जगह है रौनक
फिर भी ये कैसी बिडम्बना
माँ के रूप में लोग पूजते है बेटियों  को
 और घर में बेटियो को पीटते है
क्यों ससुराल में बेटियो को तंग किया जाता है?
ससुराल  की शान होती है बेटिया
- गरिमा

बुधवार, 7 सितंबर 2016

शिक्षक दिवस

पहला गुरु हमारी माँ होती है.
हमारा ज्ञान जो बढ़ाते है  वो हमारे गुरु  होते है
गुरु हमें  दुनिया की बाते सिखाते है
गुरु हरदम पूजनीय होते है
जो भी हम बनते है
वो गुरु के सीखने से ही बनते है
अगर गुरु न मिले तो जीवन भटक जाता है
गुरु के   बिना ज्ञान अधूरा है
जब हम अच्छा करते है  तो हमारा उत्साहवर्धन करते है
और गलितयों पर हमें  समझाते है
श्री कृष्ण और हनुमान  भी
गुरु के आगे शीश नवाते है
गुरु महान होते है
उन्हें शत शत प्रणाम
- गरिमा