गुरुवार, 24 सितंबर 2015

सवेरा हो गया

सूरज निकला हुआ सवेरा
पंछी निकले अपने घरों से,
आसमान में  लालिमा छायी
मौसम की निराली छटा छायी
सिमट गया रात का पहरा
रात गयी तो फूल  खिले
सबके लिए नया पैगाम आया
सूरज निकला हुआ सवेरा
लोगो के जीवन में  आएगा कब  सवेरा
भूख और बईमानी का अँधेरा
कब  जाएगा
जागो प्यारे तुम भी जागो
सरपट से दूर भगाओ अँधेरा
जब जागे तब ही सवेरा