गुरुवार, 30 जुलाई 2015

माँ की महिमा

माँ कितनी महान होती है
उसके चरणों  में जन्नत होती है
माँ की महिमा का क्या  करुँ वर्डडन
वो तो सारे बरम्हांड की माँ होती है,
देवता भी जिन्हे पूजते नहीं थकते
ऐसी माँ हम सबकी पहचान होती है,
वो भूखा रहकर हम सबको खिलाती
ये  उसके ममता की पहचान होती है
माँ कितनी महान होती है
 जिसकी माँ नहीं होती वो कितने अभागे है
पर माँ ही उनकी भी पहचान होती है,
फिर क्यों  भूल जाते उसके त्याग
वो तो बच्चो के मुख की मुस्कान होती है
माँ कितनी महान होती है
बीबी आने के बाद भूल जाते लोग माँ को
पर माँ को अपनी बच्चो की परवाह होती है
हर दुःख अपने पर लेकर बच्चो के
हर सुख सेहत की परवाह होती है,
 माँ कितनी महान होती है
उसके चरणो में जहाँ होता है
 ऐसी माओ को मेरा शत शत नमन

मंगलवार, 28 जुलाई 2015

कलाम को सलाम

कलाम अपने कर्मो से पहचाने गए
उनकी क्या मिसाल
ज्ञान और विज्ञानं कके  थे मिसाल
सादा  जीवन उनकी  पहचान
बच्चो को सीखते रहे किताबो से
करना प्यार,
 किताब ही सच्ची साथी
उनका हर दम कहना  होता
भारत को कैसे बनाये महान
हर दम ये सोचा करते
बच्चो से कहते सपने देखो  ऊँचे
 जिन को तुम पूरा कर पाओ
दिल दर्द से भरा हुआ है,
 लिखू लिए शब्द कम पड़े रहे है
उनको मेरा शत शत प्रणाम