बुधवार, 26 फ़रवरी 2014

शिव की,महिमा

शिव  जी बहुत भोले है,
 भोले भंडारी कहलाते है
उनकी  महिमा है निराली
 सबके दुःख  हरते है
लोगो को सुख देकर
बाकी  विष वो पीते है
सब  तेरे दर्शन को तरसे
सब तुझसे मिलने को आये
कहा है भोले दर्शन दो
देश में हो रहा अत्याचार,
मिटा दो अंधकार
क्यों बेबस है जनता
क्यों नहीं पीते   विष  प्याला
विष है धन,  जिसने छीना
अमन चैन
हर कोई एक दुसरे का प्यासा
कहा गया वो भाईचारा
शिव तेरे इस संसार में
बहुत हो गए रावण अब
लो फिर से अवतार तुम
हो सके फिर भाईचारा
तुम ही मिटा सकते हो
 अँधियारा
भोले तुम हो कहा 

रविवार, 23 फ़रवरी 2014

मुझे जाने दो

कोई पुकार रहा  है
मुझे जाने दो
पर कोई जाने नहीं देता
कहा जाने को है बेक़रार
घर में सभी उसका कर रहे है इंतजार
पर वो नहीं आता
सभी को लगा चला तो नहीं गया
आती है आवाज़
मुझे जाने दो
क्यों तड़प रहा है वो
किसका है इंतजार उसे
आता नहीं समझ
किसी ने पूछा उससे
किसका कर रहे हो इंतज़ार
कहा है जाना तुम्हे
आवाज़ आती है मुझे जाने  दो
मत रोको मुझे
इस जहाँ से मेरा मन भर गया
इस जहाँ से जाना है,
उस दुनिया में
जहाँ पर शरीर नहीं जाता है,
वो दुनिया इस दुनिया से बढ़िया है
आवाज़ आती है तुम्हे कैसे पता
कि वो दुनिया हसीन  है
वो होता है परेशान
कहता है मुझे जाने  दो
एक आती है आवाज़
 तेरे बाद  क्या होगा तेरे माँ -पिता का
आती है रोने कि आवाज़
इस दुनिया में कोई किसी का नहीं
रिश्ते नाते सब यही रह जाते है
यह दुनिया मुझे रास नहीं आयी,
मुझे जाने दो , मुझे जाने दो
इस दुनिया से मुझे जाने  दो