रविवार, 25 अगस्त 2013

अयोध्या का सच

क्या है अयोध्या का सच
कौन  जाने
सब मस्त है मंदिर  की धुन मे
किसको सुध आम जनता की
नेता कहते नहीं बनेगा
संत कहते बनेगा
राम जी का ठिकाना नहीं
क्या होगा राम जी का
सब अपनी रोटी सेकते  है,
अयोध्या फिर सुर्खी में है
संत मंदिर बनवा ही लेंगे
जनता जी किसी की सुध नहीं है
सब राम में मस्त है
चनाव आ गए है
अब  संतो को याद आई
की मंदिर बनना है
सब राम का मंदिर चाहते है
पर जिन के पास घर नहीं है
उनके घर कैसे बने ये
नहीं कोई सोचता
क्या होगा राम का मंदिर बना कर
जब उसके भक्तो के पास ही
रहने को छत नहीं





4 टिप्‍पणियां:

Darshan jangra ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल - सोमवार- 26/08/2013 को
हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः6 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया आप भी पधारें, सादर .... Darshan jangra

Yash want ने कहा…

सही बात

Pratibha Verma ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति। ।

आशा जोगळेकर ने कहा…

अब तो रामजी ही बचायें।