गुरुवार, 15 अगस्त 2013

ये कैसी स्वतंत्रता

 फिर आया १५ अगस्त
 क्या  लाया एक और दिन
न याद आते है शहीद
 और न  उनका बलिदान
बस याद आता है लडू
और    कुछ  नहीं
 क्या  यही रह गयी है  स्वतंत्रता
ये कैसी  स्वतंत्रता  है?
बच्चो  को क्या पता
क्या  होता है बलिदान
क्या है देश भावना
एक  दिन मना लेने  से
हो  जायेगा   ये दिन  पूरा
फिर हो जायेंगे हम गुलाम
और फिर कैसी  स्वतंत्रता
और क्या इस दिन का  काम 

1 टिप्पणी:

Naveen Mani Tripathi ने कहा…

hm pahale gore angrejo ke gulam the aaj kale angrej yani bhrshtachari netaon ke gulam hain ...aakhir hm kb hoge swtantr .....achchi rachana lagi apki aabhar garima ji