शनिवार, 9 फ़रवरी 2013

वक़्त नहीं है

  पत्नी  का  गाना  सुन   सकते  है ,    
माँ   की लोरी  सुनने का   वक़्त नहीं है
मोबाइल पर  बाते कर    सकते है
दोस्तों के लिए वक़्त नहीं है,
सारा दिन घूम सकते है
पर पिताजी के लिए वक़्त नहीं,
सिनेमा  देख सकते है
पर पढने के लिए वक़्त नहीं,
ऑफिस  में गप मार सकते है
पर काम  के लिए वक़्त नहीं,
बहस कहो तो   कर सकते है 
पर समाधान के लिए वक़्त नहीं,
दूसरो की गलती निकल सकते है
पर अपनी गलती ढूँढने के लिए वक़्त नहीं,
कब आएगा वो वक़्त  हम कर पाएंगे
सारा काम
ये भी बटने के लिए हमारे पास वक़्त नहीं

3 टिप्‍पणियां:

Yashwant Mathur ने कहा…

बहुत सही



सादर

Naveen Mani Tripathi ने कहा…

bahut hi sundar rachana ......desh se prem karake hi hm sb ko prem diwas manana chahiye ye avsar hamare liye gauravpoorn hi hoga .....is sundar rachana ke liye sadar aabhar Garima ji .

Naveen Mani Tripathi ने कहा…

पत्नी का गाना सुन सकते है ,
माँ की लोरी सुनने का वक़्त नहीं है
मोबाइल पर बाते कर सकते है
दोस्तों के लिए वक़्त नहीं है,
sundar vyang rachana ....aabhar.