शनिवार, 19 जनवरी 2013

प्रेम


प्रेम  शब्द  है  या  विस्बास
क्या है प्रेम?
 प्रेम  अनछुआ सा  अहसास है
   जो महसूस किया जाता है
  प्रेम को कोई नहीं समझ सका है,
प्रेम  था   राधा का
 ऐसा प्रेम कहा मिलता है,
प्रेम सावन की  बूंदे है
प्रेम बहती नदी है
 प्रेम हर  एक  जगह  में है
फिर भी  लोग लड़ते है
क्यों?
 अगर सब यही समझ  ले तो  
नफरत के लिए जगह ही न  रहे,
प्रेम हो हर तरफ तो
दुनिया  कितनी अच्छी हो

 

2 टिप्‍पणियां:

sushma 'आहुति' ने कहा…

बेहतरीन अभिवयक्ति.....

Ragini ने कहा…

beautiful expression!