शुक्रवार, 31 अगस्त 2012

माँ


माँ  भावना  है   अहसास है,
माँ जीवन है अनमोल है,
माँ बच्चे की लोरी है,
माँ अहसास है उन सुखद
पलो का,
माँ धरा है जिसकी कोई
सीमा नहीं,
आसमान है जिसे कोई
सीमा नहीं,
माँ झरना है
मीठे पानी का
माँ होती है त्याग की मूर्ति
माँ  का कोई  मोल नहीं
माँ के बिना  दुनिया  अधूरी है ,
माँ जैसा कोई हो नहीं  सकता
माँ के कदमो में स्वर्ग है,
ऐसी माँ को में कोटि कोटि वंदन
करते है 

5 टिप्‍पणियां:

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

बहुत ही बढ़िया


सादर

Ragini ने कहा…

very good feelings.....

Ragini ने कहा…

very good feelings.....

निवेदिता श्रीवास्तव ने कहा…

अच्छा लिखा है .... शुभकामनाएं !

Naveen Mani Tripathi ने कहा…

ma ki mamta ka adbhud chitran ...badhai.