रविवार, 12 अगस्त 2012

विरासत


हमें नदिया फूल
पानी सब मिला विरासत में,
 फिर हम इसे क्यों करते है बर्बाद,
ये न हो तो क्या जीवन संभव है
पर हम इन्हें बर्बाद कर रहे  है
फिर कोसते   है  भगवान को
की  बारिश  नहीं हो रही  है
सूखा पड़  रहा है,
जो हमें मिला है उसकी
हम रक्षा नहीं कर पा  रहे है,
तो भगवान् को क्यों  दोष देते है
जो हमें मिला उसकी रक्षा करे,
और पेड़ लगाये
अपनी विरासत को बचाये

3 टिप्‍पणियां:

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

बहुत खूब।



सादर

Ragini ने कहा…

badhiya vichar.....good!

Shanti Garg ने कहा…

very good thoughts.....
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