शुक्रवार, 31 अगस्त 2012

माँ


माँ  भावना  है   अहसास है,
माँ जीवन है अनमोल है,
माँ बच्चे की लोरी है,
माँ अहसास है उन सुखद
पलो का,
माँ धरा है जिसकी कोई
सीमा नहीं,
आसमान है जिसे कोई
सीमा नहीं,
माँ झरना है
मीठे पानी का
माँ होती है त्याग की मूर्ति
माँ  का कोई  मोल नहीं
माँ के बिना  दुनिया  अधूरी है ,
माँ जैसा कोई हो नहीं  सकता
माँ के कदमो में स्वर्ग है,
ऐसी माँ को में कोटि कोटि वंदन
करते है 

रविवार, 19 अगस्त 2012

किसान


किसान  के हाथ  में  कुदाल
न हो  क्या  होगा?
सोचा है किसी ने
किसान जो हल चलाता  है,
उसको कितनी  मेहनत करनी
पड़ती है ,
फिर भी एक नमक की डली
के लिए उसे किसी का
मोहताज  होना पड़ता है,
क्या होगा  किसानो का,
जो अपनी धरती को
छोड़कर जा रहा है
कौन बचायेगा इन्हें
जैसे डायनासोर खत्म
हो गए वैसे ही किसान
भी ख़त्म हो जायेंगे ओए
और हर तरफ होंगे घर ही घर


रविवार, 12 अगस्त 2012

विरासत


हमें नदिया फूल
पानी सब मिला विरासत में,
 फिर हम इसे क्यों करते है बर्बाद,
ये न हो तो क्या जीवन संभव है
पर हम इन्हें बर्बाद कर रहे  है
फिर कोसते   है  भगवान को
की  बारिश  नहीं हो रही  है
सूखा पड़  रहा है,
जो हमें मिला है उसकी
हम रक्षा नहीं कर पा  रहे है,
तो भगवान् को क्यों  दोष देते है
जो हमें मिला उसकी रक्षा करे,
और पेड़ लगाये
अपनी विरासत को बचाये

गुरुवार, 2 अगस्त 2012

पानी


पानी का हो रहा व्यापर,
हर तरफ हो रह है मारामार
पानी भी बिकता है bबोलो
क्या होगा उनका जो
पीते है कोका कोला
गर पानी न हो धरती पर
तो होगा क्या
सोचा है किसी न
बिन पानी न अन्न उगेगा
न ही भोजन बनेगा
पानी ही देता है जीवन
के होगा अगर पानी न होगा
पानी जीवन है,
इसको बर्बाद न करे

बुधवार, 1 अगस्त 2012

राखी
राखी है त्योहार
प्यार और मिठास का,
भाई और बहन के प्यार का
जो अनमोल है
जिसका कोई  मोल  नहीं है
ये बंधन बहुत ही मजबूत बंधन है
इसमें प्यार भी लड़ाई भी
जब बहना चली जाती है
तो भाई सबसे ज्यदा  रोता है
लड़ता भी है,
हर बात बताता भी है
भाई बहन का ये पर्व
बहुत ही पावन  है,
ये रिश्ता हर रिश्ते
से बढ़कर  है