मंगलवार, 3 अप्रैल 2012

प्रकत्ति कितनी  ताकतवर 
प्रक्रत्ति कितनी ताकतवर है 
ये सभी  जानते है,
फिर भी उससे करते है खिलवाड़ 
प्रक्रति शांत है,
पर जब हम उसके साथ करते 
है खिलवाड़ 
प्रक्रति हरी है,
पर हम उसे सुखा रहे है 
हर तरफ मकान बनाकर,
पर जब प्रक्रति लेती है अपना बदला
तो आते है तूफ़ान,
सूखती है धरती 
पर हम इन्सान नहीं समझ 
पाते,
प्रक्रति से पंगा नहीं 
लिया जाता 
प्रक्रति से प्यार किया जाता है 
 
    
   

1 टिप्पणी:

दिगम्बर नासवा ने कहा…

sach kaha hai .. par is andhi doud mein insaan ye sanajh nahi raha ...