सोमवार, 12 मार्च 2012

कल किसने देखा है
क्या कल कभी आता है
सब  लोग काम कल पर
देते है छोड़
क्या होता है कल
किसी ने न देखा
किसी ने न जाना
आज में जीना होता है
कल का कोई काम पूरा नहीं होता
जो लोग जीते है आज में
वाही होते है सफल
कल जिन्दगी रहे न रहे
तो सारे काम कर लो आज ही
कल क्या ठिकाना
कोई गिला न रहे हमें
की शायद ये काम आज ही
कर लिया होता पूरा
तो आज पछताना नहीं पड़ता
क्योकि कल कभी नहीं आता
तो क्यों जीते है कल में
आज ही कर लो हर तमन्ना पूरी
क्या पता कल हो न हो    
      
 

1 टिप्पणी:

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

बहुत ही बढ़िया।


सादर