बुधवार, 21 मार्च 2012

गर्मी
ये गर्मी क्या बात है
न कोई तिनका हरा
न पंछी की आवाज़
सुबह तो मंद बहार मिले
फिर वही तपा देती है,
पेड़ पौधे सूखने लगते है ,
बूँद बूँद को तरसते लोग
क्या  गर्मी है
सभी परेशान है 
किसान पसीना बहा कर
अपने खेत में काम कर रहे है
पर गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही है
सभी प्यासे है पानी के लिए
धरती भी बंजर नज़र आ रही है
 

 
 

2 टिप्‍पणियां:

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

गर्मी का बहुत ही अच्छा चित्र

सादर

Ragini ने कहा…

badhiya....