शुक्रवार, 16 मार्च 2012

पानी 
पानी  की  हर  बूँद  है  अनमोल 
इसका  नहीं  है कोई   मोल
हर बूँद है गोल  गोल
पानी को तरसते है लोग
नहीं समझते है इसका मोल
तभी  तो बहाते है  इसे
पानी ही सब कुछ है
ये नहीं जानते है लोग
गर पानी न रहे तो प्यासे
ही रह जायेंगे लोग
पानी है जरुरत सबकी
क्यों नहीं समझते है
नदी और समुन्द्र
सब जाते है सूख
नहीं बचाया अगर पानी     
तो चिलायेगे लोग
पानी पानी पर पानी 
कहा से आएगा
ये नहीं जानते है
सब लोग