बुधवार, 15 फ़रवरी 2012

आज कुछ ऐसा लगा
की सब कुछ खास है
सुबह की पहली किरण के साथ
नयी आशाये नए सपने
एक नयी आहात दे रहे है
में जीना चाहती हु उन् सपनो में
एक नयी दुनिया में
जहा नफरत के लिए कोई जगह नहीं
हर तरफ प्यार है
भाईचारा है
सब एक दुसरे की मदद करते है
किसी को किसी से दुश्मनी नहीं है
क्या ऐसी कोई दुनिया है
जहा सिर्फ  प्यार हो
कोई नफरत न हो
सब एक दुसरे की मदद करे
नहीं यह सिर्फ सपनो में ही संभव है

2 टिप्‍पणियां:

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

बहुत ही बढ़िया।



सादर

sushma 'आहुति' ने कहा…

सुंदर अभिव्यक्ति..