रविवार, 26 फ़रवरी 2012

होली का त्यौहार है
कितना प्यारा, सब
तरफ है रंगों का उजियारा
हरे, गुलाबी, नीले, पीले
हर रंग की  है अदा  निराली 
जैसे कह रहा कोई कहानी
हर कोई है मस्ती में
डूब  जाना चाहता है
रंगों की मस्ती में
प्यार की बहार है
होली का त्यौहार है
गुझियो की बहार है
रंगों की बौछार है
नफरत का कोई न रंग है
सब एक दूसरे के साथ मगन है  
ठंडाई का संग है
नाचने का उमंग है
होली के संग है



शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2012

एक बच्चा छोटा सा
जो दुनिया के तीन पाच नहीं जानता
जब मिलता है  ऐसे लोगो से
जो गलत होते है तो वो भी उसी
रंग में रंग जाता है
क्या गलती है उअस बच्चे की
वो जो देखता है वही सीखता है
फिर क्यों कहते है लोग
की उस बच्चे को देखो
कैसे लड़ रहा है
किसने सीखाया उसे लड़ना
वो तो नहीं कही से सीख कर आया था
उसका क्या दोष
जो देखेगा वही सीखेगा
तो क्या उसे जीने का हक नहीं है
क्यों न उसे सीखाये प्यार की भाषा
तभी तो होगा अमन और चैन
न होंगे लड़ाई और न किसी से बैर  
  
   

बुधवार, 15 फ़रवरी 2012

आज कुछ ऐसा लगा
की सब कुछ खास है
सुबह की पहली किरण के साथ
नयी आशाये नए सपने
एक नयी आहात दे रहे है
में जीना चाहती हु उन् सपनो में
एक नयी दुनिया में
जहा नफरत के लिए कोई जगह नहीं
हर तरफ प्यार है
भाईचारा है
सब एक दुसरे की मदद करते है
किसी को किसी से दुश्मनी नहीं है
क्या ऐसी कोई दुनिया है
जहा सिर्फ  प्यार हो
कोई नफरत न हो
सब एक दुसरे की मदद करे
नहीं यह सिर्फ सपनो में ही संभव है

बुधवार, 8 फ़रवरी 2012

एक छोटी सी गुडिया प्यारी 
करती है अपनी मनमानी
न सोती न जगती है 
सबको हैरान करती है 
अपनी जिद मनवाती है 
कैसे होते है बच्चे प्यारे 
वो गुडिया है सबकी प्यारी 
पापा की तो राजदुलारी
मम्मी की है जान वो सारी
दादा दादी की राजकुमारी 
गुडिया जब सोती है 
तो वो सपने  में हसती है 
कितना  प्यारा  होता  है इनका जीवन 
न कोई चिंता न कोई फिकर 
ऐसे ही होता काश हमारा जीवन

 









रविवार, 5 फ़रवरी 2012

जिन्दगी एक किराये का घर है 
एक न एक दिन बदलना पड़ेगा 
मौत जब तुझको आवाज़ देगी 
घर से बहार निकलना पड़ेगा 
मौत का बजा जब सर पे डंका 
फूक दी पल   में सोने की लंका 
मौत जब तुझको आवाज़ देगी 
घर से बहार निकलना पड़ेगा 
देखना हो गर दिन सूनेहरा 
शाम के बाद होगा सवेरा 
पैर फूलो में रखने से पहले 
तुमको काटों पर चलना पड़ेगा 
ये जवानी है दो दिन का सपना 
ढूंढ लो साथी कोई भी अपना 
ये जवानी अगर ढल गयी तो 
हाथ हाथ मल मल के रोना पड़ेगा 
जिन्दगी एक किराये का घर है 
एक न एक दिन बदलना  पड़ेगा

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