मंगलवार, 24 जनवरी 2012

देश का बड़ा  त्यौहार 
है आने वाला 
हर कोई खुश है उस  
त्यौहार को मनाने के लिए 
हर कोई रंग जाता है देश भक्ति के रंग में 
ये दिन भी आया है बड़ी मुश्किल से 
कितने लोगो ने जान गवाई
आज कोई उसका  महत्व  नहीं समझता 
सब रंगे है  अंग्रेजी fashion   में 
क्या हो गया है आज के नौजवानों  में
किसी में नहीं है देश भक्ति की भावना 
क्या होगा इस संसार का 
सभी लगे है लूटने भारत माता को 
इस को नहीं है कोई बचाने वाला 
ऐसे ही रह तो वो दिन दूर नहीं 
जब हम फिर से गुलाम हो जायेंगे

 
 

 
 

2 टिप्‍पणियां:

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

बहुत ही अच्छा लिखा है आपने।

ऐसे ही रह तो वो दिन दूर नहीं
जब हम फिर से गुलाम हो जायेंगे

देखा जाए तो हम आज़ाद हैं ही नहीं....पहले अंग्रेजों के गुलाम थे आज ढेर सारी मल्टीनेशनल कंपनियों ने हमे अपना गुलाम बना रखा है।


सादर

sushma 'आहुति' ने कहा…

सशक्त और प्रभावशाली रचना.....