बुधवार, 21 दिसंबर 2011

जिन्दगी  बिकती है
रिश्ते बिकते है
प्यार बिकता है
बहुत खरीदार है इन सबको खरदीने के लिए
यहाँ हर रिश्ता बिकता है
कफन  बिकता है
मुर्दे भी बिकते है
सारा  संसार   बिकाऊ है
आप जो खरीद लो
पैसा ही भगवान है यहाँ पैर
क्या क्या खरीदोगे आप
ये socho
सब मिलता है
यहाँ पर 
जिस देश में सब बिकता है
वहा खरीदार बहुत  कम है
भगवन बिकते है
पुजारी बिकते है
सब आमिरो के हाथ में है
क्या करे हम
जिसके पास पैसे  नहीं है
कैसे खरीदे वो ये सब सामान
बताये  जरा  
आप हमें
 

   
   
   

  
 

7 टिप्‍पणियां:

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

बेहतरीन लिखा है।

पैसों से सब कुछ खरीदा जा सकता है पर इज्ज़त नहीं।

सादर

anju(anu) choudhary ने कहा…

भावपूर्ण अभिव्यक्ति

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

कल 23/12/2011को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

आशा ने कहा…

बहुत सही लिखा है यहाँ हर चीज बिकती है पर
खरीदार कम हैं |भावपूर्ण अभिव्यक्ति |
आशा

सदा ने कहा…

बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।

वन्दना ने कहा…

सही कहा सब बिकता है।

Dr.Nidhi Tandon ने कहा…

सब ही बिकाऊ है..